J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



Are We in Relationship—or Only Our Images?


What do we mean by that word relationship? Are we ever related to anyone, or is the relationship between two images which we have created about each other? I have an image about you, and you have an image about me. I have an image about you as my wife or husband, or whatever it is, and you an image about me also. The relationship is between these two images and nothing else. To have relationship with another is only possible when there is no image.

संबंध हमारे बीच है या केवल हमारी छवियों के बीच ?


इस संबंध शब्द से हमारा अभिप्राय क्या है? किसी से हमारा संबंध रहता भी है या यह हमारे ही द्वारा गढ़ ली गयी दो छवियों के बीच रहता है? मेरे मन में आपकी एक छवि बनी हुई है और आपके मन में मेरी | मेरे मन में आपकी, अपनी पत्नी, पती या अन्य किसी भी तरह की एक छवि बनी हुई है और इसी प्रकार आपने मेरी एक छवि बनायी हुई है | संबंध इन दोनों के बीच ही तो रहहा है, कही और नहीं | संबंध तभी होता है जब कोई छवि निर्मित न हो |

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Meditation Means to Pay Attention


Not to seek any form of psychological security, any form of gratification,
requires investigation, constant watchfulness to see how the mind operates, and surely that is meditation, is it not?

ध्यान का अर्थ है अवधान


किसी भी प्रकार की मनोवैज्ञानिक सुरक्षा की, किसी भी तरह के तुष्टीकरण की चाहना न हो, इसके लिए दरकार होती है मन कैसे काम करता है इसका गहन अवलोकन करने की, सतत सजगता की; और निश्चित ही यही ध्यान है, है न?

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Self-Pity Is a Factor of Sorrow


Self-pity is when you complain about yourself unconsciously or consciously, when you are pitying yourself, when you say, "I can't do anything against the environment in which I am, placed as I am;" when you call yourself a pest, bemoaning your own lot. And so there is sorrow.

अपने आप पर तरस खाना दुःख का कारक होता है


अपने आप पर तरस तब आता है जब चेतन या अचेतन रूप से आप अपने आप से खुद के बारे में ही शिकायत कर रहे होते है, जब आपको स्वयं पर दया आ रही होती है, जब आप कह उठते है, "जिन परिस्थितियों में, जिस स्थिति में मैं रह रहा हूँ उसके विरुद्ध में कुछ भी नहीं कर सकता |" जब आप स्वयं को एक कीड़ा मान रहे होते है; अपने भाग्य को कोस रहे होते है -- इस प्रकार प्रवेश कर लेता है दुःख |

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Anger Can Be Self-importance


Anger has that peculiar quality of isolation; like sorrow, it cuts one off, and for the time being, at least, all relationship comes to an end. Anger has the temporary strength and vitality of the isolated. There is a strange despair in anger; for isolation is despair.

क्रोध आत्म-महत्ता से संबंधित है


दुःख की भ्रान्ति क्रोध में भी अलग-थलग कर देने की वह विशेष क्षमता है जो व्यक्ति को सब से काट देती है, और कम से कम कुछ समय के लिए सभी संबंध समाप्त ही हो जाते है | यह क्रोध अलग-थलग व्यक्ति का अस्थायी शक्ति-स्रोत, उसका बल बन जाता है | क्रोध में एक विचित्र प्रकार की हताशा होती है, क्योंकि अलगाव हताशा ही तो होता है |

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