J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)







Question: Can you tell me how to get rid of fear?


Krishnamurti: You want to know how to get rid of fear? Do you know what you are afraid of? Go slowly with me.

प्रश्न : क्या आप बताएंगे कि भय से छुटकारा कैसे पाएं?


कृष्णमूर्ति : आप यह जानना चाहते हैं कि भय से छुटकारा कैसे हो? क्या आप जानते हैं कि आप किस चीज़ से डरते हैं? धीरे-धीरे मेरे साथ आगे बढ़िए |

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Question: Why do we hate the poor?


Krishnamurti: Do you hate the poor? Do you hate the poor woman who is carrying the heavy basket on her head, walking all the way from Saraimohana to Banaras? Do you hate her with her torn clothes, dirty?

प्रश्न : हम गरीबों से घृणा क्यों करते हैं?


कृष्णमूर्ति : क्या आप गरीबों से घृणा करते हैं? सराय-मोहाना से बनारस के पूरे रास्ते भर सर पर भरी टोकरी ढोकर ले जाती हुई उस गरीब स्त्री से आप घृणा करते हैं? क्या आप उससे और उसके फटे-पुराने मैले वस्त्रों से, गरीबों से घृणा करते हैं?

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Education and the Significance of Life


Education and the Significance of Life

शिक्षा और जीवन का तात्पर्य


शिक्षा और जीवन का तात्पर्य

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Tradition


We have been discussing for several days the question of fear. We shall now consider what I think is one of our greatest difficulties—how to prevent the mind from becoming imitative.

परंपरा


हम कई दिनों से भय के प्रश्न पर चर्चा कर रहे हैं | अब हम जिस विषय पर विचार करने जा रहे हैं मुझे लगता है कि वह हमारी सब से बड़ी कठिनाइयों में से एक है – यानि मन को अनुकरण की प्रवृत्ति से कैसे बचाया जा सकता है |

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Discipline


Have you ever sat still? You try it sometime and see if you can sit very quietly, not for any purpose, but just to see if you can sit quietly. The older you grow, the more nervous, fidgety, agitated, you become. Have you noticed how old people keep jogging their legs?

अनुशासन


क्या आप कभी शांतिपूर्वक बैठे है? कभी इस प्रकार से बैठने का प्रयत्न करके देखिए – किसी प्रयोजन से नहीं, बस ऐसे ही – केवल यह जानने के लिए कि क्या आप शांतिपूर्वक बैठे सकते हैं | जैसे-जैसे आप बड़े होने लगते हैं आप और भी अधिक व्याकुल, अशांत और उद्विग्न रहने लगते हैं | क्या आपका ध्यान कभी इस पर गया है कि बड़े लोग किस तरह पैर हिलाते रहते हैं?

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