View published books list

Relationship
Relationship



जीवन और मृत्यु (Living and Dying)

Price Rs.125
ISBN:
Book Status: Recent Publication.
Publisher: राजपाल & सन्स, दिल्ली

मृत्यु में निहित सौंदर्य और उसकी अद्भुत प्रकृति को समझने के लिए ज्ञात से मुक्त होना आवश्यक है | ज्ञात का विसर्जन मृत्यु की समझ का उदय है क्योंकि तब मन कोरा और नूतन हो जाता है और उसमें कोई भय शेष नहीं रह जाता | अतः तब हम उस अवस्था में प्रवेश कर पाते हैं जिसे मृत्यु कहते हैं | आदि से अंत तक जीवन और मृत्यु एक ही है | समझदार व्यक्ति समय, विचार, और दुःख को समझता है अतः केवल वही मृत्यु को समझ सकता है | जो मन प्रतिपल मरना जानता है, कुछ संचित नहीं करता, अनुभवों को कभी एकत्रित नहीं करता; वह मन निर्दोष रहता है और इसलिए वह अनवरत प्रेम की अवस्था में होता है |
To understand the beauty and the extraordinary nature of death, there must be freedom from the known. In dying to the known is the beginning of the understanding of death, because then the mind is made fresh, new, and there is no fear. Therefore one can enter into that state called death. So, from the beginning to the end, life and death are one. The wise man understands time, thought, and sorrow, and only he can understand death. The mind that is dying each minute, never accumulating, never gathering experi-ence, is innocent, and is therefore in a constant state of love.