J. Krishnamurti's Teachings Online in Indian Languages (Hindi, Punjabi, Gujarati, Marathi, Bengali etc.)



I would like to repeat


I would like to repeat that we are not trying to convince you of anything - that must be clearly understood. We are not trying to persuade you to accept a particular point of view. We are not trying to impress you about anything; nor are we doing any propaganda. We are not talking about personalities, or who is right and who is wrong, but rather trying to think out, to observe, together, what the world is and
what we are, what we have made of the world and what we have made of ourselves. We are trying together to examine both the inward and the outward man.

मैं फिर से दोहराना चाहूंगा


मैं फिर से दोहराना चाहूंगा कि हम आपसे किसी भी बात को मनवाना नहीं चाहते -- आपको यह पूर्णतः सपष्ट रूप से समझ लेना होगा | किसी विशिष्ट दृष्टिकोण को अपनाने के लिए आपको राज़ी करने की चेष्टा हम नहीं कर रहे हैं | किसी भी बात के बारे में आपको प्रभावित करना भी हम नहीं चाहते | और न ही हम कोई प्रचार कर रहे हैं | हम किन्हीं महापुरुषों की बात भी नहीं कर रहे हैं, और न ही कौन सही कौन गलत इस पर विचार-विमर्श कर रहे हैं | हम तो सब मिलकर यह पता करना चाह रहे हैं, देखना चाह रहे हैं कि यह संसार क्या है और हम क्या हैं, हमने इस विश्व को क्या बना दिया है और अपने-आपको क्या बना दिया है | हम सब साथ-साथ मनुष्य के भीतरी तथा बाहरी दोनों रूपों की जांच करना चाहते हैं |

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जीवन के बारे में यंत्रवादी मत


जीवन के बारे में यंत्रवादी मत यह है की मनुष्य चूंकि अपने वातावरण तथा विविध प्रतिक्रियाओं का परिणाम मात्र है, जो केवल इन्द्रियों द्वारा ही प्रत्यक्ष हो सकता है, इसीलिए वातावरण तथा प्रतिक्रियाएं एक ऐसी बुद्धिसंगत प्रणाली द्वारा नियंत्रित होनी चाहिएं जिसमें व्यक्ति को केवल बने-बनाए ढांचे के भीतर ही कार्य करने की अनुभूति हो |

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अनुभव कोई मापन नहीं है


अनुभव कोई मापन नहीं है, यह सत्य की ओर ले जाने वाला मार्ग भी नहीं है | अनुभव आपको, अपने विश्वासों व संस्कारों के अनुसार होते हैं, और विश्वास का तो अर्थ ही स्वयं से पलायन है | मुझे यदि स्वयं को समझना हो, तो मुझे किसी विश्वास की दरकार नहीं है; मुझे केवल स्पष्टता से, बिना किसी चयन के अपना अवलोकन करना होगा, परस्पर संबंधों मैं, पलायनों में, आसक्तियों में स्वयं का निरीक्षण करना होगा |

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यदि संभव हो


यदि संभव हो, तो इस शाम मैं ध्यान के बारे में चर्चा करना चाहूँगा | मैं इस बारे में बात करना चाहूँगा क्योंकि मुझे लगता है कि यह विषय जीवन में सर्वाधिक महत्वपूर्ण है |

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